पत्र-लेखक
नागांव: वर्ष 1983 में असम आंदोलन के दौरान पुलिस गोलीबारी में मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सरदार चंदन सिंह का 43वाँ शहीद दिवस हाल ही में नगाँव जिले के हातीपारा में मनाया गया।
हाटीपारा और उसके आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने पूरे दिल से इस कार्यक्रम में भाग लिया। वह सरदार करम सिंह और बलिराम मजूमदार सहित 3 शहीदों के बीच बोरकोला क्षेत्र के पहले शहीद थे।
स्मृति कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और शहीद को पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ की गई, इसके बाद ज्ञानी शेर सिंह द्वारा होली श्री सुखमोनी साहब का पाठ किया गया और मण्डली ने शहीद की शाश्वत शांति के लिए सर्वशक्तिमान वाहेगुरुजी से प्रार्थना की।
चंदन सिंह का जन्म बोरकोला में हुआ था और उन्होंने 150 साल पुराने बोरकोला आदर्श विद्यालय से प्राथमिक विद्यालय पूरा किया और वर्ष 1978 में बोरकोला एचएस स्कूल से एचएसएलसी पूरा किया और बाद में उन्हें स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए ऐतिहासिक नगाँव कॉलेज में भर्ती कराया गया। उस अवधि के दौरान वह न केवल दिल और आत्मा से असम आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थे, उन्होंने दखिनपात आंचलिक के सचिव, दखिनपात आंचलिक गण परिषद के उपाध्यक्ष, बेबेजिया गण परिषद के सदस्य और नगाँव जिला एएएसयू के सदस्य के रूप में भी कार्य किया।
वह उस दौरान एक अंतर-स्कूल जिला स्तर के फुटबॉल खिलाड़ी थे। कार्यक्रम का समापन उनकी छोटी बहन अमरजीत कौर द्वारा उपस्थित लोगों को सामुदायिक भोजन परोसने के साथ हुआ।
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