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असम पुलिस ने शिशु मित्र कार्यक्रम के अंतर्गत साइबर सुरक्षा व वित्तीय सुरक्षा पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की

साइबरपीस कॉर्प्स, वित्त मंत्रालय और मास्टरकार्ड इंडिया के सहयोग से पुलिस अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित।

Sentinel Digital Desk

गुवाहाटी: असम पुलिस ने सोमवार को शिशु मित्र कार्यक्रम के तहत साइबर सुरक्षा, साइबर स्वच्छता और वित्तीय सुरक्षा पर एक राष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का आयोजन साइबरपीस कॉर्प्स, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग और मास्टरकार्ड इंडिया के सहयोग से किया गया।

इस कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ नागरिक समाज और समुदाय-आधारित संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य बढ़ते साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी के जोखिमों के खिलाफ संस्थागत तैयारियों को मजबूत करना था।

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन सरमिष्ठा बरुआ, एपीएस, सहायक पुलिस महानिरीक्षक (महिला) एवं शिशु मित्र कार्यक्रम की नोडल अधिकारी द्वारा किया गया। सत्रों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सामुदायिक हितधारकों की भूमिका पर जोर दिया गया, ताकि उभरते डिजिटल खतरों से निपटने में सक्षम “साइबर फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स” तैयार किए जा सकें।

असम पुलिस ने माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट एक्स पर लिखा,

“इस पहल के माध्यम से असम पुलिस का उद्देश्य संस्थागत और सामुदायिक दोनों स्तरों पर साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ मजबूत जागरूकता और प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करना है।”

कार्यशाला के दौरान साइबर सुरक्षा और साइबर लचीलापन के क्षेत्र में भविष्य के सहयोग को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।

सत्रों के बाद साइबरपीस के संस्थापक और वैश्विक अध्यक्ष मेजर विनीट कुमार ने असम के पुलिस महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के साथ साइबर सुरक्षा पहलों में दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।