गुवाहाटी शहर

सैनिक वर्तमान भारत की रक्षा करता है, विद्यार्थी भविष्य के भारत का निर्माण करता है: जनरल उपेंद्र द्विवेदी

नमामि भारतम्’ के साथ गूँजा वंदे मातरम्, 150 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में सामूहिक गायन

Sentinel Digital Desk

गुवाहाटी, 25 सितंबर। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र के तत्वावधान में ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के तहत सामूहिक वंदे मातरम् गायन समारोह का आयोजन श्रीमंत शंकरदेव अंतरराष्ट्रीय सभागार, कलाक्षेत्र, पंजाबारी, गुवाहाटी में किया गया। इस अवसर पर पूरे देश में एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी (सेवानिवृत्त) सहित विद्या भारती के पदाधिकारी, पूर्व छात्र, शिक्षक, नागरिक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. पवन तिवारी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक एकात्मता और गौरव का स्वर है। उन्होंने कहा कि इसके 150 वर्ष पूरे होना पूरे देश के लिए गौरव का अवसर है।

मुख्य अतिथि जनरल उपेंद्र द्विवेदी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि वे इस कार्यक्रम में पूर्व सेना प्रमुख के रूप में नहीं, बल्कि सरस्वती शिशु मंदिर के पूर्व छात्र के रूप में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर वह स्थान नहीं है जहां भारत समाप्त होता है, बल्कि यह वह स्थान है जहां से भारत शुरू होता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

जनरल द्विवेदी ने युवाओं को सकारात्मक सोच, परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता और योग्यता को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल 'समस्या खोजक' नहीं, बल्कि 'समस्या समाधानकर्ता' बनना चाहिए। इसके लिए सकारात्मक सोच, जिम्मेदारी, साहस और कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करने की क्षमता जरूरी है।

उन्होंने युवाओं को ‘सीखें, पुरानी बातें भूलें और फिर से सीखें’ के सिद्धांत को अपनाने तथा भारतीय संस्कारों और सोच को बनाए रखते हुए आधुनिक तकनीक को आत्मसात करने का संदेश दिया। उन्होंने वीर लाचित बरफुकन और कनकलता बरुआ के योगदान को याद करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर केवल भारत की भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि देश की शक्ति, नेतृत्व और राष्ट्रीय एकता का महत्वपूर्ण केंद्र है।

जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना, एनसीसी और विद्या भारती विविधता को शक्ति में बदलने का कार्य करते हैं। उन्होंने पूर्व छात्रों से नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करने और समाज के नागरिकों से युवाओं के लिए अवसर उपलब्ध कराने का आह्वान किया।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन ‘शून्य-दस’ की आदत अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि हर सुबह 10 मिनट बिना मोबाइल के अपने लक्ष्य, कृतज्ञता और दिन के संकल्प पर विचार करें। उन्होंने विद्यार्थियों से खुद से पूछने को कहा कि आज उन्हें ऐसा क्या सीखना है, जिससे कल वे और उनका देश बेहतर बन सकें।