गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तंज कसते हुए कहा कि ओवैसी द्वारा दी जाने वाली कोई भी राशि, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो, राज्य के विकास के काम में लगाई जाएगी।
पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने कहा, “अगर असदुद्दीन ओवैसी साब मुझे दो रुपये भी देना चाहें, तो मैं उसे असम के विकास में निवेश कर दूंगा। लेकिन इसके लिए उन्हें यहां आना होगा।”
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई जब ओवैसी ने निजामाबाद में एक सार्वजनिक रैली के दौरान सरमा का मजाक उड़ाते हुए “2 रुपये” वाला तंज कसते हुए उन पर निशाना साधा।
ओवैसी ने कहा, “सरमा कहते हैं, ‘अगर कोई ऑटो ड्राइवर मिया मुस्लिम है, तो उसे असली किराए से कम दो; अगर किराया 5 रुपये है, तो उसे 4 रुपये दो’। हिमंता बिस्वा सरमा, ये रहे आपके दो रुपये। क्या आप इन्हें लेंगे? मुझे पता है कि आप दो रुपये के लिए भी भीख मांगते हैं… क्या मैं इसे आपके खाते में ट्रांसफर कर दूँ?”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरमा मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव करते हैं और जोर देकर कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है।
ओवैसी ने पूछा, “चाहे आप प्रधानमंत्री हों या मुख्यमंत्री, किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। लेकिन वह कहते हैं, ‘हम मिया के साथ ऐसा करेंगे, वोट डालने के लिए बांग्लादेश चले जाओ’। उनका मकसद आखिर क्या है?”
27 जनवरी को सरमा ने असम के लोगों से मिया समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाने और उन्हें “परेशान” करने के लिए कहा था।
उन्होंने कहा, “अगर हम कार्रवाई नहीं करेंगे, तो घुसपैठिए सोचेंगे कि असमिया लोग कमजोर हैं। हम यह अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए कर रहे हैं।”
इस बीच, सरमा ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा था कि उन्होंने “मिया मुस्लिम” शब्द का प्रयोग नहीं किया और यह ऐतिहासिक रूप से इस समुदाय के उन लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता रहा है, जो विशेष रूप से बांग्लादेश से आए थे, अपने आप को वर्णित करने के लिए।
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