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त्रिपुरा समाचार: चकमा संगठन ने त्रिपुरा में घुसपैठियों के बड़े पैमाने पर सत्यापन की मांग की

चकमा डेवलपमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया (सीडीएफआई) ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें 2021 से अप्रैल 2024 के बीच त्रिपुरा में बीएसएफ द्वारा हिरासत में लिए गए 174 रोहिंग्याओं सहित 1,675 घुसपैठियों के सत्यापन की मांग की गई।

Sentinel Digital Desk

अगरतला: चकमा डेवलपमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया (सीडीएफआई) ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें 2021 से अप्रैल 2024 के बीच त्रिपुरा में बीएसएफ द्वारा हिरासत में लिए गए 174 रोहिंग्याओं सहित 1,675 घुसपैठियों के सत्यापन की मांग की गई।

सीमा पर कड़ी निगरानी तथा अन्य उचित उपायों की मांग करते हुए सीडीएफआई ने गृह मंत्री से आग्रह किया कि बांग्लादेश में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान उत्पीड़न से बचने के लिए भारत में शरण लेने वाले धार्मिक अल्पसंख्यकों से संबंधित लोगों को आश्रय प्रदान किया जाए।

सीडीएफआई के संस्थापक सुहास चकमा ने दावा किया कि बीएसएफ ने 2021 में तीन रोहिंग्याओं सहित 208 घुसपैठियों को हिरासत में लिया; 2022 में 59 रोहिंग्याओं सहित 369 घुसपैठियों; और जनवरी 2023 से 15 अप्रैल, 2024 के बीच 112 रोहिंग्याओं सहित 1,018 घुसपैठियों को हिरासत में लिया।

चकमा ने एक बयान में कहा, "सीडीएफआई ने इस मुद्दे पर टिपरा मोथा पार्टी के विधायक रंजीत देबबर्मा द्वारा हाल ही में गृह मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन का स्वागत किया। रिकॉर्ड बताते हैं कि अधिकांश रोहिंग्या शरणार्थियों को सिपाहीजाला, उनाकोटी, पश्चिम त्रिपुरा और उत्तरी त्रिपुरा जिलों से गिरफ्तार किया गया था। अगर जांच केवल चामुनु, गंदाचारा और सिलाचारी इलाकों में की जाती है, तो असली तस्वीर सामने नहीं आएगी क्योंकि घुसपैठिए पूरे राज्य और देश में घूमते रहते हैं।" उन्होंने कहा कि जब भी बांग्लादेश में इस तरह की राजनीतिक उथल-पुथल होती है, तो यह धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का बहाना बन जाता है।

चकमा ने दावा किया कि बांग्लादेश के चटगाँव हिल ट्रैक्ट्स (सीएचटी) में पिछले ढाई दशकों में करीब 28 स्वदेशी/आदिवासी लोगों के गाँवों पर मुस्लिम लोगों ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा, "रोहिंग्याओं की आमद के संबंध में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुवाहाटी, चेन्नई, बेंगलुरु और जयपुर में रोहिंग्या शरणार्थियों की अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी के चार मामले दर्ज किए थें। गुवाहाटी मामले के संबंध में, एनआईए ने त्रिपुरा से कम से कम 21 लोगों को गिरफ्तार किया। एनआईए ने पहले ही कई आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया है।" सीडीएफआई नेता ने कहा कि ये सभी मामले पूरे त्रिपुरा राज्य की जांच के लिए एक मामला बनाते हैं। (आईएएनएस)