गुवाहाटी: असम कैबिनेट ने मंगलवार को राज्य सरकार की क्लास-I और क्लास-II नौकरियों में चाय जनजाति और आदिवासी समुदायों के लिए तीन प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दे दी। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने की।
यह निर्णय दिसपुर स्थित असम विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री सरमा की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिया गया।
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, “आज असम कैबिनेट ने चाय बागान और आदिवासी समुदायों के लिए क्लास-I और क्लास-II नौकरियों में तीन प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी है।”
उन्होंने बताया कि इस कदम का उद्देश्य उच्च स्तरीय सरकारी सेवाओं में इन समुदायों का प्रतिनिधित्व बढ़ाना है।
कैबिनेट ने राज्य के ‘वोट ऑन अकाउंट’ बजट को भी मंजूरी दी, जिसे जल्द ही विधानसभा में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “आज कैबिनेट ने वोट ऑन अकाउंट बजट को स्वीकृति दी है, जिसे थोड़ी देर में सदन में प्रस्तुत किया जाएगा।”
इसके अलावा, राज्य में दूसरे सैनिक स्कूल की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। यह नया सैनिक स्कूल करबी आंगलोंग जिले में स्थापित किया जाएगा।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए कैबिनेट ने मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान (एमएमयूए) के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों की 1,07,532 पात्र सदस्यों को उद्यमिता सीड कैपिटल जारी करने को भी मंजूरी दी। इससे राज्यभर में जमीनी स्तर पर उद्यम और आजीविका के अवसरों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने धेमाजी जिले में 31 बीघा से अधिक भूमि असम क्रिकेट एसोसिएशन के पक्ष में आवंटित करने को भी स्वीकृति दी, ताकि खेल अवसंरचना का विकास किया जा सके।
अन्य प्रमुख निर्णयों में जोरहाट स्थित ऐतिहासिक बोरभेटी परिसर के समेकित विकास के लिए 20 करोड़ रुपये की मंजूरी शामिल है, जिससे विरासत आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
कैबिनेट ने स्कूल शिक्षकों के अर्जित अवकाश को बढ़ाकर 15 दिन करने और असम कृषि सेवा नियमों में संशोधन कर पदोन्नति प्रक्रिया को सरल बनाने को भी स्वीकृति दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये फैसले सामाजिक कल्याण, रोजगार सृजन, अवसंरचना विस्तार और असम में संतुलित विकास पर सरकार के समानांतर जोर को दर्शाते हैं।
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