कोहिमा: नगालैंड के राज्यपाल ला गणेशन और मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने संयुक्त रूप से शनिवार को आपात बैठक बुलाई और भारतीय सशस्त्र बलों, राष्ट्रीय नेतृत्व और राष्ट्रीय एकता एवं सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की।
बैठक में लिए गए प्रस्ताव में कहा गया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने राष्ट्रीय रक्षा के दृढ़ प्रयास के तहत भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को बरकरार रखते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी बुनियादी ढाँचे को निष्क्रिय करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया है।
उन्होंने कहा, ''भारत के गौरवशाली नागरिक के रूप में नगालैंड के लोग राष्ट्र की एकता, क्षेत्रीय अखंडता और हमारे सशस्त्र बलों के बहादुर प्रयासों के समर्थन में अटूट खड़े हैं।
नगालैंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने उभरती सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को पहचानते हुए सामूहिक संकल्प को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों, विभिन्न सुरक्षा बलों के अधिकारियों और धार्मिक और सामुदायिक नेताओं की इस आपातकालीन बैठक को बुलाया है।
उन्होंने कहा, ''हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अपने सशस्त्र बलों और राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करते हैं। हम सभी खतरों से राष्ट्र की रक्षा करने में अपने सैनिकों की बहादुरी, बलिदान और पेशेवराना अंदाज को सलाम करते हैं। बैठक में सभी धार्मिक नेताओं से हमारे सैनिकों, राष्ट्रीय नेताओं और राष्ट्र की भलाई के लिए दैवीय सुरक्षा का आह्वान करने के लिए नागालैंड में विशेष प्रार्थना सभाएँ आयोजित करने का आग्रह किया गया। बैठक में राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने की महत्वपूर्ण आवश्यकता के बारे में उपदेश, संवाद और सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को संवेदनशील बनाने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में लोगों से फर्जी खबरों, विभाजनकारी कथाओं और राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा फैलाई जा रही गलत सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने का भी आग्रह किया गया।
राजभवन में आयोजित बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि सभी नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं को देश के खतरों के खिलाफ राष्ट्रीय गौरव, एकता और लचीलापन को मजबूत करने वाली पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। (आईएएनएस)
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