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प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रह्मपुत्र पर 3,030 करोड़ रुपये के पुल का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री के साथ मौजूद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस उद्घाटन को राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

Sentinel Digital Desk

गुवाहाटी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने भारत के पहले छह-लेन एक्स्ट्राडोज्ड पुल, कुमार भास्कर वर्मा सेतु, का उद्घाटन किया।

3,030 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह परियोजना गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच सीधा सड़क संपर्क स्थापित करती है, जिससे नदी पार आवागमन काफी सुगम हो जाएगा।

यह पुल उत्तर-पूर्व का अपनी तरह का पहला पुल है। इसके शुरू होने से दोनों किनारों के बीच यात्रा समय, जो पहले यातायात जाम के दौरान लगभग एक घंटा लग जाता था, घटकर करीब सात मिनट रह जाएगा। वर्षों से लोगों को भीड़भाड़ वाले सरायघाट पुल या बाढ़ और कोहरे से प्रभावित होने वाली फेरी सेवाओं पर निर्भर रहना पड़ता था। नया पुल हर मौसम में सुगम विकल्प प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री के साथ मौजूद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा,

“असम के इस सपने को साकार करने वाले आदरणीय नरेंद्र मोदी जी ने कुमार भास्कर वर्मा सेतु पर चलकर भारत के पहले छह-लेन एक्स्ट्राडोज्ड पुल का उद्घाटन किया।”

यह पुल क्षेत्र की उच्च भूकंपीय गतिविधियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट से निर्मित इस संरचना में बेस आइसोलेशन तकनीक और फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग का उपयोग किया गया है। उच्च गुणवत्ता वाले स्टे केबल इसकी मजबूती बढ़ाते हैं, जबकि ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम रियल-टाइम में पुल की स्थिति पर नजर रखेगा और किसी भी तनाव या क्षति के शुरुआती संकेतों का पता लगाने में मदद करेगा।

सातवीं शताब्दी के कामरूप राज्य के शासक कुमार भास्कर वर्मा के नाम पर बने इस पुल के माध्यम से उस ऐतिहासिक शासक को श्रद्धांजलि दी गई है, जिन्हें असम में समृद्धि और राजनीतिक सुदृढ़ता लाने के लिए याद किया जाता है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) गुवाहाटी के अस्थायी परिसर का भी वर्चुअल उद्घाटन किया, जो क्षेत्र में प्रबंधन शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इसके अलावा, उन्होंने उत्तर-पूर्व के लिए एक हाई-टेक डेटा सेंटर का भी उद्घाटन किया।

पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत मोदी ने 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इनमें से 100 बसें गुवाहाटी में चलेंगी, जबकि 50-50 बसें नागपुर और भावनगर को तथा 25 बसें चंडीगढ़ को आवंटित की गई हैं।

यह उद्घाटन असम के परिवहन बुनियादी ढांचे में एक बड़ी उपलब्धि है, जो बेहतर कनेक्टिविटी, कम जाम और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।

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