अगरतला: राष्ट्र निर्माण में छात्रों की सक्रिय भूमिका पर जोर देते हुए माणिक साहा ने कहा कि युवाओं को एक मजबूत भारत के निर्माण के लिए स्वयं को ज्ञानवान और सदाचारी व्यक्तियों के रूप में तैयार करना चाहिए।
रविवार को माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट एक्स (X) पर अपने संदेश में उन्होंने नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण को रेखांकित किया, जिसके तहत भारत को वैश्विक प्रगति के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आने वाली पीढ़ियों को हर क्षेत्र में दक्ष और सक्षम बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
उन्होंने कहा, “विश्व मानचित्र पर भारत को प्रगति के सर्वोच्च शिखर पर स्थापित करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी निरंतर कार्य कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियां सभी क्षेत्रों में निपुण हों।”
छात्रों की जिम्मेदारी पर बल देते हुए साहा ने कहा, “भारत को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज के छात्रों को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी, ताकि आने वाले समय में वे ज्ञानवान और सदाचारी नागरिक बनकर उभरें।”
उन्होंने कहा कि केवल शैक्षणिक सफलता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को मजबूत मूल्यों और समाज के प्रति कर्तव्यबोध भी विकसित करना चाहिए। उनके अनुसार, सशक्त और नैतिक रूप से दृढ़ युवा पीढ़ी ही भारत की निरंतर प्रगति और वैश्विक प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाएगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के जनजातीय छात्र सम्मेलन में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत वर्ष 2030 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने में युवा और छात्र सबसे बड़ी उम्मीद हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “2030 तक भारत अर्थव्यवस्था के मामले में तीसरे स्थान पर होगा। हमारे युवा और छात्र ही वह मुख्य शक्ति हैं, जो देश को आगे बढ़ाएंगे।”
साहा ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ने त्रिपुरा में जनजातीय समुदायों के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा, “हम कोकबोरोक भाषा बोलने वाले लोगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं, क्योंकि जब तक वे अपनी मातृभाषा में पढ़-लिख नहीं पाएंगे, तब तक उन्हें सही मायनों में समझा नहीं जा सकेगा। साथ ही, हम अल्पसंख्यक और अन्य स्थानीय भाषाओं के विकास के लिए भी कार्य कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, भाषा और समान अवसरों के माध्यम से जनजातीय युवाओं को सशक्त बनाना राज्य के संतुलित विकास और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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