गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को दावा किया कि उनकी सरकार द्वारा पिछले पांच वर्षों में किए गए सुधार और कल्याणकारी कार्य ऐसे स्तर पर पहुंच चुके हैं, जिन्हें आने वाले कई दशकों तक कोई भी सरकार, चाहे राजनीतिक बदलाव कुछ भी हो, पलट नहीं सकती।
मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यों ने राज्य में शासन व्यवस्था की एक स्थायी नींव रखी है।
उन्होंने कहा, “पिछले पांच वर्षों में हमारी सरकार ने जो हासिल किया है, उसे आने वाले 50 वर्षों तक कोई भी सरकार रद्द नहीं कर सकती।” उन्होंने भरोसा जताया कि स्थापित की गई व्यवस्थाएं अब अपरिवर्तनीय हो चुकी हैं।
शासन सुधारों पर जोर देते हुए सरमा ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा अपनाया गया मार्ग असम के भविष्य को दिशा देता रहेगा।
उन्होंने कहा, “हिमंत बिस्वा सरमा ने जो रास्ता दिखाया है, वह अगले 50 वर्षों तक नहीं बदलेगा। चाहे कोई भी सत्ता में आए, इसे बदला नहीं जा सकता।”
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार के दौर से बाहर निकल चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पुरानी प्रथाएं फिर से लौट सकती हैं।
उन्होंने कहा, “जब हमने बिना पैसे लिए नौकरियां देना शुरू कर दिया है, तो क्या अब कोई फिर से नौकरियां बेचने की हिम्मत कर सकता है?” उन्होंने दावा किया कि भर्ती में भ्रष्टाचार को स्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया है।
महिला-केंद्रित कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निजुत मोइना और लखपति बाइदू जैसी योजनाओं ने असम की हजारों महिलाओं को सशक्त बनाया है।
उन्होंने कहा, “हमने इतनी लड़कियों और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है। क्या अब कोई उनसे यह स्वतंत्रता छीन सकता है?”
मुख्यमंत्री ने ओरुनोदोई जैसी सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रभाव का भी उल्लेख किया और कहा कि ये योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक आवश्यक सहारा बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा, “इतने गरीब परिवार ओरुनोदोई से लाभान्वित हो रहे हैं। क्या इसे अब रोका जा सकता है?”
इन योजनाओं को लेकर जनसमर्थन का दावा करते हुए सरमा ने कहा कि इन्हें वापस लेने की कोई भी कोशिश जनविरोध को जन्म देगी।
उन्होंने कहा, “अब किसी में भी इन योजनाओं को बंद करने की हिम्मत नहीं है। अगर कोई कोशिश करेगा, तो लोग सड़कों पर उतर आएंगे।”
अपने वक्तव्य का समापन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुधार अब ‘नो रिटर्न’ की स्थिति में पहुंच चुके हैं।
उन्होंने कहा, “जो काम मैंने किया है, उसे अब रोका नहीं जा सकता। अब कोई पैसे नहीं ले सकता। अब कोई राकेश पॉल दोबारा पैदा नहीं होगा।”