प्रवासी कोयला श्रमिकों का अपने घरों की ओर सामूहिक पलायन
एक संवाददाता
मार्गेरिटा: मार्गेरिटा सह-जिला प्रशासन ने मार्गेरिटा में अवैध रैट होल खदानों पर कार्रवाई शुरू की है। इसके लिए मार्गेरिटा, लेखापानी और लीडो में सभी अवैध रैट होल खदानों को सात दिनों के भीतर सील करने के आदेश दिए गए हैं। कार्रवाई मंगलवार को शुरू हुई और 25 जनवरी तक जारी रहेगी।
मार्गेरिटा सह-जिला प्रशासन ने मार्गेरिटा पुलिस और एनईसी सीआईएल मार्गेरिटा के अधिकारियों के साथ मिलकर मार्गेरिटा सह-जिला के अंतर्गत टिपोंग, लेखापानी लीडो, तिरप, टिकक और नामदांग कोलियरी में लीजहोल्ड क्षेत्रों में सभी अवैध कोयला खनन के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है।
इस बीच, सोमवार से ही हज़ारों प्रवासी कोयला मज़दूर लीडो, लेखापानी और मार्गेरिटा अवैध कोयला खदानों से भागकर मार्गेरिटा और लीडो रेलवे स्टेशनों से ट्रेनों से आ रहे हैं। राज्य के ग्वालपाड़ा, धुबरी, नगाँव, बरपेटा, मोरीगाँव और हैलाकांडी के साथ-साथ पड़ोसी राज्य मेघालय से 5,000 से ज़्यादा प्रवासी कोयला खनिक अपने-अपने गृहनगर की ओर बढ़ना शुरू कर चुके हैं।
तिनसुकिया जिला प्रशासन ने अधिकारियों को चार समूहों में विभाजित किया है, जिनका लक्ष्य मार्गेरिटा क्षेत्र में सभी अवैध कोयला खदानों को सील करना है। इस कदम से कोयला माफियाओं में दहशत फैल गई है।
उल्लेखनीय है कि मार्गेरिटा सह-जिला प्रशासन द्वारा हाल ही में की गई छापेमारी के बावजूद नामदांग कोलियरी में अवैध रैट होल खनन अभी भी जारी है।
मार्गेरिटा सह-जिला प्रशासन की कार्यकारी मजिस्ट्रेट प्रणामिका कोंवर ने बताया कि मार्गेरिटा पुलिस और एनईसी सीआईएल मार्गेरिटा के अधिकारियों के सहयोग से उन्होंने मार्गेरिटा सह-जिला के अंतर्गत आने वाली सभी अवैध कोयला खदानों में रैट होल माइंस को सील कर दिया है और कैंपों को नष्ट कर दिया है। इन खदानों पर छापेमारी अभी भी जारी है। यह कार्रवाई तिनसुकिया जिला आयुक्त के निर्देश पर की गई है।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद, तिनसुकिया जिला समिति के महासचिव एल. रतन सिंह ने खुलासा किया है कि हाल ही में मार्गेरिटा और लीडो क्षेत्रों से अवैध कोयला व्यापार में शामिल हजारों मजदूरों के सामूहिक पलायन ने चल रहे अवैध कोयला परिवहन और व्यापार की सच्चाई को उजागर कर दिया है। परिषद लंबे समय से इस तथ्य का दावा कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, प्रवासी कोयला खनिक अपने मूल स्थानों पर वापस जाने के लिए रेलवे स्टेशनों पर टिकट के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं।
एल. रतन सिंह ने बताया कि असम भूविज्ञान और खनन विभाग ने 12 मार्च, 2019 को पत्र संख्या 7938-41 के माध्यम से तिनसुकिया के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को अवैध कोयला व्यापार में कथित रूप से शामिल 19 व्यक्तियों की सूची सौंपी।
परिषद ने सवाल उठाया है कि इस जाँच को क्यों दबाया गया, यह किसके हितों की पूर्ति कर रहा है और प्रशासन ने अवैध कोयला व्यापार में शामिल एक भी व्यक्ति के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। परिषद के महासचिव ने कहा कि पिछले तीन दिनों में पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह के तिनसुकिया दौरे और इस संबंध में उनके निर्देशों के बाद ही मार्गेरिटा प्रशासन ने कुछ स्थानों पर अवैध कोयला खनन को रोकने के लिए कार्रवाई की।
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