

हमारे संवाददाता
बोडो नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन (बीओएनएसयू) ने मंगलवार को उपायुक्त, कोकराझार के माध्यम से असम के राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपकर विशेष रूप से 2020 से 2025 तक बीटीसी में परिषद के नेताओं और नौकरशाहों द्वारा धन के कथित भ्रष्टाचार, कुशासन और धन के दुरुपयोग की जाँच की मांग की। ज्ञापन असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा सरमा को भी भेजा गया था।
बीओएनएसयू के उपाध्यक्ष हेम चंद्र बसुमतारी ने कहा कि बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) में वर्षों से, विशेष रूप से 2020 के बाद से भ्रष्टाचार, घोटाले और कुशासन व्याप्त थे और सार्वजनिक धन के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग, पारदर्शिता की कमी, विकास योजनाओं में अनियमितताओं और बीटीसी क्षेत्र में प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग को लेकर जनता में आक्रोश बढ़ रहा था। उन्होंने कहा कि ये भ्रष्ट आचरण क्षेत्र के विकास को कमजोर कर रहे हैं, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के सही लाभार्थियों को वंचित कर रहे हैं और असंतोष और अन्याय को जन्म दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विजय कुमार गौड़ की ओर से लालंद एसोसिएट्स द्वारा 8 मई को जारी कानूनी नोटिस भेजने के संबंध में 16 मई को एक समाचार चैनल में प्रकाशित एक खबर में बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल के 4 करोड़ रुपये के पहले सबसे बड़े संगठित घोटाले के बारे में गंभीर चिंता जताई गई है, जहां बीटीसी प्रशासन, पुस्तक प्रकाशक, सरकारी अधिकारी और राजनेता प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे।
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