अतुलानंद गोस्वामी का निधन; पीएम नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया

प्रख्यात असमिया साहित्यकार अतुलानंद गोस्वामी ने वृद्धावस्था संबंधी समस्याओं के कारण आज सुबह जीएमसीएच में अंतिम सांस ली।
अतुलानंद गोस्वामी का निधन; पीएम नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया

गुवाहाटी: प्रख्यात असमिया साहित्यकार अतुलानंद गोस्वामी ने वृद्धावस्था संबंधी समस्याओं के कारण आज सुबह गुवाहाटी  मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में अंतिम सांस ली। वह 87 वर्ष के थे।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "उनके कार्यों को बहुत प्रशंसा मिली और उनकी विविधता और संवेदनशीलता के लिए प्रशंसा की जाती है।उन्होंने अंग्रेजी में असमिया साहित्य को लोकप्रिय बनाने के लिए बहुत प्रयास किए।मैं उनके परिवार के सदस्यों और प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं!"

राज्यपाल से लेकर मुख्यमंत्री तक साहित्य जगत से जुड़े सभी ने सुप्रसिद्ध लेखक के निधन पर शोक व्यक्त किया।

प्रख्यात असमिया साहित्यकार अतुलानंद गोस्वामी ,जोरहाट जिले के मूल निवासी थे| स्वर्गीय अतुलानंद गोस्वामी की 1990 के दशक की शुरुआत में लिखे गए उनके उपन्यास 'नामघोरिया' के लिए व्यापक रूप से जाने जाते थे।उन्हें उनके लघु-कथा संग्रह 'सेने जरीर गंथी' के लिए 2006 में साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।उन्हें अंबिकागिरी रायचौधरी साहित्य पुरस्कार, कुमार किशोर स्मृति पुरस्कार, कथा पुरस्कार, स्नेह भारती साहित्य सम्मान और असम घाटी साहित्य पुरस्कार आदि भी मिले। गोस्वामी ने कई अंग्रेजी, बंगाली और उड़िया ग्रंथों का असमिया में अनुवाद भी किया।

उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "प्रसिद्ध साहित्यकार अतुलानंद गोस्वामी के निधन की खबर ने मुझे गहरा दुख दिया है।हम असम के साहित्यिक और सामाजिक जीवन में उनके योगदान को हमेशा याद रखेंगे।"

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