

मनरेगा और आईएवाई में कथित अनियमितता
स्टाफ रिपोर्टर
गुवाहाटी: गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विजय बिश्नोई और न्यायमूर्ति एन उन्नी कृष्णन नायर की खंडपीठ ने अवमानना मामला-सी 146/2025 का निपटारा कर दिया, क्योंकि प्रतिवादी, सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (वी एंड एसी), असम ने अदालत को बताया कि मनरेगा और आईएवाई और अन्य योजनाओं में अनियमितताओं के संबंध में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग (पी एंड आरडी) के दोषी कार्यालयों के खिलाफ प्रारंभिक जाँच शुरू की गई थी। शिवसागर, जोरहाट, चराइदेव और गोलाघाट जिले।
याचिकाकर्ता, आमगुरी नब सिरमन समिति ने जनहित याचिका (19/2021) में 14 दिसंबर, 2021 को जारी उच्च न्यायालय के आदेश का पालन न करने का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका (146/2025) दायर की। जनहित याचिका में अपने आदेश में उच्च न्यायालय ने अपनी राय व्यक्त की थी कि सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय, असम को उपरोक्त ऊपरी असम जिलों में मनरेगा, आईएवाई और अन्य योजनाओं के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं की तुरंत नियमित जाँच शुरू करनी चाहिए।
पीठ ने कहा, ''चूंकि राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए आवश्यक कदम उठा लिये हैं, हमारा विचार है कि शायद इस टिप्पणी और निर्देश के साथ मामले को बंद किया जाए कि संबंधित प्राधिकारी जल्द से जल्द, बेहतर हो कि छह महीने के भीतर जाँच पूरी कर लेंगे और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेंगे। " उच्च न्यायालय ने अपने पहले के आदेश में कहा।
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