गुवाहाटी: वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 पर राज्य भाजपा ने कार्यशाला आयोजित की

वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को गुवाहाटी स्थित भाजपा असम प्रदेश राज्य मुख्यालय में राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
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स्टाफ रिपोर्टर

वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को गुवाहाटी में भाजपा असम प्रदेश राज्य मुख्यालय में किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य भर के प्रमुख भाजपा नेताओं और हितधारकों की भागीदारी देखी गई। कार्यशाला के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अनिल अन्टोनी ने नए संशोधित अधिनियम के प्रावधानों और इसके पीछे पार्टी की मंशा को स्पष्ट किया।

अनिल एंथनी ने कहा कि वक्फ बोर्ड के तहत 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों को अब छह महीने के भीतर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पंजीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कदम से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही के एक नए युग की शुरुआत होगी। उन्होंने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पार्टी पर इस मुद्दे पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से विभाजनकारी सांप्रदायिक राजनीति पर निर्भर रही है। उनका वर्तमान रुख जनता को गलत सूचना देने और ध्रुवीकरण करने का एक और प्रयास है।

भाजपा नीत सरकार के पूर्व सुधारों को रेखांकित करते हुए उन्होंने तीन तलाक के उन्मूलन का जिक्र किया और कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद रहा है। उन्होंने कहा, ''तीन तलाक के खात्मे ने अनगिनत मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाया और उन्हें गरिमा एवं सुरक्षा के साथ जीने का मौका दिया।

कार्यशाला के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया, जो वक्फ संशोधन विधेयक 2024 की समीक्षा करने वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का हिस्सा थे, ने कहा कि लोकसभा में 14.5 घंटे के विचार-विमर्श सहित कानून पर व्यापक चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि समिति को विधेयक में संशोधन के समर्थन में लगभग 97 लाख पत्र मिले थे, जो बड़े पैमाने पर सार्वजनिक समर्थन को दर्शाते हैं।

वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और विनियमन में लंबे समय से अपेक्षित सुधार लाता है। यह सुनिश्चित करता है कि इन संपत्तियों का दुरुपयोग न हो और इनका उपयोग समाज के कल्याण के लिए किया जाए, विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के लिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिनियम का उद्देश्य भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना, वक्फ संस्थानों में जवाबदेही बढ़ाना और सामाजिक उत्थान के लिए एक उपकरण के रूप में कार्य करना है, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के हाशिए वाले वर्गों के लिए।

भाजपा नेतृत्व ने दोहराया कि विधायी सुधारों के बारे में पार्टी का व्यापक दृष्टिकोण समानता, पारदर्शिता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों में निहित है। इस मौके पर नौगांव के विधायक रूपक शर्मा भी मौजूद थे।

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