नागालैंड डीजीपी ने 935 पुलिस कांस्टेबलों के लिए नई भर्ती की घोषणा की

गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा पिछली नियुक्तियों को रद्द करने के बाद, नागालैंड डीजीपी रूपिन शर्मा ने 935 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती के लिए एक नई प्रक्रिया शुरू की है।
 नागालैंड डीजीपी ने 935 पुलिस कांस्टेबलों के लिए नई भर्ती की घोषणा की
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कोहिमा: नागालैंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रूपिन शर्मा ने सोमवार को कहा कि 935 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती के लिए एक नई प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह बात गौहाटी उच्च न्यायालय द्वारा जनवरी 2018 से अक्टूबर 2019 के बीच बिना उचित विज्ञापन के भर्ती किए गए 935 पुलिस कांस्टेबलों की नियुक्ति को रद्द करने के एक महीने बाद कही गई है।

पुलिस स्मृति दिवस परेड के मौके पर, नागालैंड पुलिस प्रमुख ने कहा कि उच्च न्यायालय की कोहिमा पीठ ने नियुक्तियों की वैधता पर सवाल उठाते हुए भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का मुख्य मुद्दा पुलिस कांस्टेबलों के पदों के लिए विज्ञापनों की कमी बताया।

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने पुलिस कांस्टेबल के पदों के लिए नए विज्ञापन देने के बाद नई भर्ती प्रक्रिया आयोजित करने का निर्देश दिया है।

डीजीपी ने कहा, "पुलिस विभाग जल्द ही पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती के लिए नए सिरे से विज्ञापन देगा।"

उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करता है, लेकिन अदालत के आदेश के अनुसार प्रत्येक प्रभावित नौकरी चाहने वाले के पास कानूनी उपाय करने का विकल्प होता है।

शर्मा ने कहा कि उच्च न्यायालय ने छह महीने के भीतर प्रशासनिक प्रक्रिया पूरा करने का भी निर्देश दिया है।

कोहिमा और चुमौकेदिमा जिलों के बेरोजगार नागा युवाओं द्वारा 2022 में दायर रिट याचिकाओं का जवाब देते हुए, उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति देवाशीष बरुआ ने 20 सितंबर को अपने आदेश में कहा कि सरकार ने इन पदों के लिए उचित विज्ञापन दिए बिना जनवरी 2018 और अक्टूबर 2019 के बीच पुलिस कांस्टेबल की नियुक्तियाँ की थीं।

रिट याचिकाकर्ताओं ने 935 पुलिस कांस्टेबलों की नियुक्तियों को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि उन्हें उचित विज्ञापन के बिना “बैकडोर नियुक्तियों” के माध्यम से मनमाने ढंग से किया गया था।

न्यायमूर्ति बरुआ ने आदेश दिया कि नई भर्ती जल्द से जल्द, अधिमानतः छह महीने के भीतर की जानी चाहिए, और नई प्रक्रिया को व्यापक रूप से प्रसारित समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी करने सहित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए।

हालाँकि, न्यायालय ने उन व्यक्तियों को नई चयन प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी, जिनकी नियुक्तियाँ रद्द कर दी गई थीं।

उन्हें ऊपरी आयु सीमा में छूट मिलेगी, लेकिन न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि बुनियादी योग्यता या विभागीय शारीरिक मानदंडों के मामले में कोई छूट नहीं होगी।

इस बीच, कोहिमा में नागालैंड पुलिस मुख्यालय में पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित करते हुए, शर्मा ने विशेष रूप से राज्य पुलिस के चार बहादुर शहीदों की स्मृति को सम्मानित किया, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने प्राणों की आहुति दी।

उन्होंने पिछले एक साल में सभी नागालैंड पुलिस कर्मियों के अथक प्रयासों की भी सराहना की।

पुलिस प्रमुख ने कहा कि अपने परिवारों के साथ जश्न मनाने से चूकने के बावजूद, पुलिस कर्मियों ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अटूट समर्पण के साथ काम किया और 2024 में दो राज्य चुनावों के शांतिपूर्ण संचालन में योगदान दिया।

शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस स्मृति दिवस न केवल शोक का दिन है, बल्कि उन पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रदर्शित निस्वार्थ बलिदान की भावना का उत्सव भी है, जो अपने कार्यों के माध्यम से अमर हो गए हैं। (आईएएनएस)

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