पूर्वोत्तर समाचार

ऑयल की परियोजनाओं के तहत 6.68 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई

ऑयल इंडिया

 

दुलियाजान। ऑयल इंडिया लिमिटेड द्वारा चलायी जा रही सीएसआर परियोजना रुपांतर के तहत, कृषि आधारित उद्योगों तथा अन्य संबद्ध गतिविधियों के विकास के लिए स्थायी स्व-रोजगार के अवसर सृजन करने के उद्देश्य से 350 संयुक्त देयता समूहों को ऑयल द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान किया गया, जिसमें 6.68 करोड़ (छह करोड़ अड़सठ लाख रुपए) का निवेश किया गया। दिनांक 7 जून, 2019 को रूपांतर विकास केंद्र, टिपलिंग, दुलियाजान में एक वितरण समारोह के दौरान उपर्यूक्त सहायता प्रदान की गयी। परियोजना सहयोगी, राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान (एसआईपीआरडी), असम द्वारा कार्यान्वित इस परियोजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 में लगभग 1495 परिवारों को सहायता प्रदान किया गया, जिसमें 625 महिलाएं तथा 870 पुरुष लाभार्थी शामिल हैं। श्री रामेश्वर तेली, राज्य मंत्री, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार एवं माननीय सांसद डिब्रुगढ़ क्षेत्र ने मुख्य अतिथि के रूप में उक्त कार्यक्रम की शोभा बढ़ायी।

इसके अलावा श्री तेरश ग्वाला, स्थानीय विधायक, श्री संजय किशन, विधायक, तिनसुकिया, सुश्री डेइजी रानी फुकन, अध्यक्षा, डिब्रुगढ़ जिला परिषद, श्री प्राणजित डेका, आवासी मुख्य कार्यपालक, ऑयल, श्री बिमल दत्ता, मुख्य महाप्रबंधक (भूमि एवं विधि) तथा परियोजना रूपान्तर समिति के अध्यक्ष, श्री दिलीप कुमार भूयां, महाप्रबंधक (जन संपर्क) तथा परियोजना रूपान्तर समिति के उपाध्यक्ष और अन्य गणमान्य व्यक्ति उक्त कार्यक्रम में उपस्थित थे। श्री रामेश्वर तेली ने अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ परियोजना रूपान्तर के तहत लाभार्थियों को औपचारिक रूप से सहायता राशि प्रदान की। श्री तेली ने अपने संबोधन में ऑयल इंडिया लिमिटेड से सहायता प्राप्त सभी लाभार्थियों को बधाई दी। अपने प्रचालन क्षेत्रों के लोगों के सामाजिक-आर्थिक जीवन को बेहतर बनाने में सीएसआर के तहत ऑयल के सामाजिक हस्तक्षेप की सराहना करते हुए, उन्होंने ऑयल को मजबूत करने में लोगों के योगदान के बारे में भी उल्लेख किया। उन्होंने लोगों से इस क्षेत्र की कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए निवेश करने का भी आग्रह किया। श्री तेरश ग्वाला, स्थानीय विधायक और श्री संजय किशन, विधायक, तिनसुकिया ने अपने संबोधन में ऑयल के सामाजिक क्षेत्र में हस्तक्षेप और राज्य में इसके योगदान की सराहना की। जिला परिषद की अध्यक्षा सुश्री डेइजी रानी ने लोगों से ऑयल द्वारा प्रदान की गई सहायता का सर्वोत्तम उपयोग करने का आग्रह किया।

श्री प्राणजित डेका, आवासी मुख्य कार्यपालक ने कहा कि ऑयल इंडिया प्रचालन क्षेत्रों में लोगों के कल्याण के लिए एसआईपीआरडी के साथ संयुक्त रूप से काम करता आया है और रूपांतर के तहत पिछले कुछ वर्षों में, 22000 से अधिक परिवार, जिनमें से आज तक लगभग 18000 महिला लाभार्थी सकारात्मक रूप से लाभान्वित हुए हैं। श्री तेली द्वारा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में कृषि उत्पाद वाहक वैन को हरी झंडी दिखाने के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ। इस आयोजन में लगभग 400 लाभार्थी शामिल हुए। परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी, एसआईपीआरडी, असम ने सभी ज़मीनी कार्य पूरा किया और ऑयल से मिलनेवाली वित्तीय सहायता और बैंक ऋण द्वारा विभिन्न आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए 350 जेएलजी का गठन तथा उन्हें प्रशिक्षित किया। ऊपरी असम के ऑयल प्रचालन क्षेत्रों में उक्त संयुक्त देयता समूहों का गठन किया गया। कृषि मशीनीकरण, कृषि उत्पाद वाहक, हथकरघा तथा लघु व्यवसाय और उद्योग इन गतिविधियों में शामिल हैं।

 

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