अमित शाह ने कांग्रेस को घुसपैठ मुद्दे पर घेरा, असम में वीवीपी -II लॉन्च

उन्होंने मतदाताओं से भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में वापस लाने की अपील की और वादा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान आए हर घुसपैठिए को वापस भेजा जाएगा।
अमित शाह ने कांग्रेस को घुसपैठ मुद्दे पर घेरा, असम में वीवीपी -II लॉन्च
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गुवाहाटी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने असम की जनसांख्यिकी बदलने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने घुसपैठ रोकने और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए हैं।

कछार में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीपी-II) के दूसरे चरण की शुरुआत करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों ने सीमाएं खुली रखीं, जिससे घुसपैठिए असम में प्रवेश कर सके।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार ने देश की सीमाएं खुली रखीं और घुसपैठियों को आने दिया। असम के युवाओं की नौकरियां, गरीबों का राशन और गांवों की जमीन छीनकर राज्य की जनसंख्या संरचना बदलने का प्रयास किया गया।”

शाह ने दावा किया कि भाजपा के एक दशक पहले सत्ता में आने के बाद पहले कार्यकाल में घुसपैठ पर अंकुश लगाने पर ध्यान दिया गया। दूसरे कार्यकाल में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में सरकार ने कथित तौर पर घुसपैठियों द्वारा अतिक्रमित बड़ी जमीन को खाली कराया।

उन्होंने मतदाताओं से भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में लाने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान आए हर घुसपैठिए को वापस भेजा जाएगा।

शासन की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि भाजपा शासन में असम ने उल्लेखनीय प्रगति की है और बम विस्फोट जैसी घटनाएं अब बंद हो गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को बाढ़-मुक्त बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II पर बोलते हुए शाह ने बताया कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगने वाली सीमाओं के साथ 334 ब्लॉकों का दूसरे चरण में विकास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर चलाया जा रहा यह कार्यक्रम सीमावर्ती गांवों को देश के अन्य हिस्सों के बराबर लाने का लक्ष्य रखता है।

शाह ने कहा, “एक समय था जब सीमा के गांवों को देश का आखिरी गांव माना जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सोच बदलते हुए कहा कि सीमा पर स्थित हर गांव भारत का पहला गांव है।”

गौरतलब है कि शाह का यह दौरा इस साल के अंत में होने वाले असम विधानसभा चुनावों से पहले हो रहा है।

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