बराक और ब्रह्मपुत्र घाटियों के संतुलित विकास पर असम सरकार का फोकस

उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कछार से पूरे देश में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II’ की शुरुआत करने वाले हैं, और इसे बराक घाटी की बढ़ती महत्वपूर्णता का प्रतीक बताया।
बराक और ब्रह्मपुत्र घाटियों के संतुलित विकास पर असम सरकार का फोकस
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गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य की “डबल इंजन सरकार” बराक और ब्रह्मपुत्र घाटियों के संतुलित और समान विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट में सरमा ने आगामी बराक वैली सचिवालय का उल्लेख किया और क्षेत्र के बढ़ते राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कछार से देशव्यापी ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II’ की शुरुआत करेंगे, जो बराक घाटी की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “जो क्षेत्र कभी उपेक्षित था, आज वह असम के विकास दृष्टिकोण और राष्ट्रीय ‘एक्ट ईस्ट’ विजन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।”

सरमा ने आगे कहा कि सरकार ने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर विशेष जोर दिया है। प्रमुख पहलों में गुवाहाटी और सिलचर के बीच यात्रा समय को लगभग पांच घंटे तक कम करने के उद्देश्य से प्रस्तावित एक्सप्रेसवे शामिल है।

उन्होंने कहा, “हमारी डबल इंजन सरकार बराक और ब्रह्मपुत्र घाटियों के समान विकास को सुनिश्चित करने के लिए और अधिक कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को असम में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II (वीवीपी -II) का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम ने प्रधानमंत्री के सीमावर्ती गांवों के विकास के विजन को साकार किया है।

इस योजना के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में देश के अन्य हिस्सों के समान बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, सीमा गांवों से पलायन पर रोक लगी है और उन्हें जीवंत आवासीय केंद्रों में परिवर्तित किया गया है, जिससे सीमा सुरक्षा को उल्लेखनीय रूप से मजबूती मिली है।

शाह ने कहा कि वीवीपी -II इन लाभों को अधिक संख्या में गांवों तक पहुंचाकर देश की सीमाओं को और सुदृढ़ करेगा।

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