प्रधानमंत्री मोदी का असम दौरा: 5,450 करोड़ की विकास योजनाओं का होगा शुभारंभ

वह भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों द्वारा किए जाने वाले हवाई प्रदर्शन का भी अवलोकन करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी का असम दौरा: 5,450 करोड़ की विकास योजनाओं का होगा शुभारंभ
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गुवाहाटी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम के दौरे पर रहेंगे, जहां वे उत्तर-पूर्व क्षेत्र में संपर्क, डिजिटल अवसंरचना, शिक्षा और शहरी परिवहन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, उनका दौरा सुबह लगभग 10:30 बजे डिब्रूगढ़ के मोरान बाइपास पर बने इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) पर आगमन के साथ शुरू होगा। इस अवसर पर वे भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों द्वारा किए जाने वाले हवाई प्रदर्शन का अवलोकन भी करेंगे।

भारतीय वायुसेना के सहयोग से विकसित यह ईएलएफ उत्तर-पूर्व का पहला ऐसा केंद्र है, जिसे आपात स्थितियों में सैन्य और नागरिक दोनों उपयोगों के लिए तैयार किया गया है। यहां लड़ाकू और परिवहन विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ की सुविधा उपलब्ध है।

इसके बाद प्रधानमंत्री ब्रह्मपुत्र नदी पर नवनिर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु का निरीक्षण करेंगे। लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बने इस छह-लेन पुल से गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच संपर्क बेहतर होगा। यह क्षेत्र का पहला एक्स्ट्राडोज्ड पुल है।

इस पुल के माध्यम से दोनों किनारों के बीच यात्रा समय घटकर लगभग सात मिनट रह जाने की उम्मीद है। पुल में आधुनिक सुरक्षा और निगरानी प्रणाली भी स्थापित की गई है।

प्रधानमंत्री कामरूप जिले के अमिंगांव में उत्तर-पूर्व क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डेटा केंद्र का भी उद्घाटन करेंगे। यह केंद्र महत्वपूर्ण सरकारी डिजिटल सेवाओं की मेजबानी करेगा और अन्य राष्ट्रीय डेटा केंद्रों के लिए डिजास्टर रिकवरी सेंटर के रूप में कार्य करेगा।

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) गुवाहाटी का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।

इसके अतिरिक्त, वे पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें से 100 बसें गुवाहाटी में संचालित होंगी, जबकि शेष बसें नागपुर, भावनगर और चंडीगढ़ में चलेंगी।

इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ, किफायती और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।

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