

अगरतला: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रविवार को दावा किया कि राज्य के जनजातीय समुदायों का भारतीय जनता पार्टी पर पूरा भरोसा है और वे पार्टी को विकास तथा दीर्घकालिक उत्थान का माध्यम मानते हैं।
एक समाचार एजेंसी से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज का विश्वास लगातार भाजपा पर बढ़ा है, क्योंकि उन्हें लगता है कि राष्ट्रीय पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ही वास्तविक और ठोस विकास सुनिश्चित कर सकती है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों का विकास केवल भाजपा सरकार के तहत ही संभव है और दबाव या जबरदस्ती के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयास अब कारगर नहीं रहे हैं।
साहा ने कहा, “लोगों को भाजपा पर विश्वास और भरोसा है। वे समझते हैं कि प्रधानमंत्री जिस तरह काम कर रहे हैं, उससे विकास के प्रति उनकी स्पष्ट प्रतिबद्धता दिखाई देती है। अब लोगों को यह भी एहसास हो गया है कि कुछ स्थानीय दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार सही नहीं हैं और भाजपा पर भरोसा करना भविष्य में उनके लिए लाभकारी होगा।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी को उसकी इच्छा के विरुद्ध मतदान करने के लिए मजबूर करना न तो काम करेगा और न ही इसकी अनुमति दी जाएगी।
इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार और सामाजिक रूप से जागरूक नागरिकों के निर्माण में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की भूमिका को रेखांकित किया। अगरतला में जनजातीय एनजीओ के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए साहा ने कहा कि राजनीति में प्रवेश किए बिना भी विभिन्न रूपों में सामाजिक सेवा की जा सकती है।
त्रिपुरा मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, साहा ने स्वैच्छिक संगठनों द्वारा समाज के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की और मौजूदा नियमों के दायरे में सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “स्वैच्छिक संगठनों द्वारा लोगों के लिए किया जा रहा कार्य वास्तव में सराहनीय है। आप आने वाली पीढ़ी के लिए काम कर रहे हैं। सरकार आपको हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।”
मुख्यमंत्री ने छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की उचित देखभाल और परवरिश के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एनजीओ और सरकार को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्य और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मिले।
उन्होंने कहा, “अगली पीढ़ी को आकार देने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों की भी शिक्षा दी जानी चाहिए, ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें।”
मुख्यमंत्री ने एनजीओ प्रतिनिधियों को यह भी आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर जनजातीय कल्याण मंत्री और संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी और राज्य में जनजातीय समुदायों के कल्याण एवं विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
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