

अगरतला/गुवाहाटी: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोमवार को उत्तर बंगाल में सियालदह जाने वाली कंचनजंघा एक्सप्रेस दुर्घटना में मरने वाले राज्य के किसी भी यात्री के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
रविवार को अगरतला से रवाना हुई कंचनजंघा एक्सप्रेस पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के कटिहार डिवीजन के अंतर्गत रंगपानी और चतरहाट स्टेशन के बीच कंटेनर ले जा रही एक मालगाड़ी से टकरा गई।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से फोन पर बात करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने उन्हें बताया कि बचाव अभियान जोरों पर चल रहा है और उन्हें आश्वासन दिया कि पीड़ितों और उनके परिवारों को सभी आवश्यक सहायता दी जाएगी। साहा ने कहा कि राज्य सरकार तब से लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है।
मुख्यमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "कोलकाता में त्रिपुरा भवन के अधिकारियों को दुर्घटना स्थल पर जाकर पीड़ितों के बचाव और पुनर्वास की उचित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। सभी घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में मृत्यु होने पर, राज्य सरकार ने पीड़ित के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।"
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के सचिव प्रदीप कुमार चक्रवर्ती ने कहा कि स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य सरकार की ओर से दो सदस्यीय विशेष टीम को दुर्घटना स्थल पर भेजा गया था। चक्रवर्ती ने मीडिया को बताया कि यदि आवश्यक हुआ तो टीम रेलवे अधिकारियों और अस्पतालों के बीच समन्वय करेगी। रेलवे अधिकारियों ने अभी तक त्रिपुरा से किसी के घायल होने या मृत्यु होने की पुष्टि नहीं की है।
एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सब्यसाची डे ने कहा कि एनएफआर के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव भी मालीगांव (गुवाहाटी) से ट्रेन द्वारा दुर्घटना स्थल के लिए रवाना हुए। एनएफआर पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल के सात जिलों और उत्तर बिहार के पांच जिलों में काम करता है। (आईएएनएस)
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