खेल

हार्दिक और धोनी क्रीज पर हों तो सहायक की भूमिका निभाने में परेशानी नहीं :विराट कोहली

विराट कोहली

 

लंदन। विराट कोहली बल्लेबाजी करते समय आसानी से आक्रामक रूख अख्तियार कर सकते हैं लेकिन भारतीय कप्तान को लगता है कि महेंद्र सिंह धोनी और हार्दिक पांड्या जैसे बड़े शॉट खेलने वाले एक खिलाड़ी की उपस्थिति से उन्हें कई बार सहायक की भूमिका निभाने का मौका मिलता है। ऐसा कम ही होता है जब विराट कोहली के आखिरी के ओवरों में क्रीज पर रहने के बाद भी उनके गेंद और रन का अंतर ज्यादा ना हो। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व कप के मैच में उन्होंने 77 गेंद में 82 रन की पारी खेली जिसमें चार चौके और दो छक्के शामिल थे। आखिरी ओवरों में कोहली मिशेल स्टार्क पर दो छक्के लगाने के अलावा एक और दो रन दौड़ कर खुश थे जबकि पांड्या दूसरे छोर से आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे थे। पांड्या ने 25 गेंद में 48 रन बनाए। विराट कोहली से जब पूछा गया कि क्या वो आक्रामक बल्लेबाजी के बारे में सोच रहे थे तो उन्होंने कहा, जब मैंने अर्धशतक पूरा किया तब मेरे दिमाग में ये ख्याल आया था। मैंने पांड्या से बात कि और उसने कहा, मुझे जोखिम उठाने की जरूरत नहीं। पांड्या ने भारतीय कप्तान को सुझाव दिया कि वो सहायक की भूमिका निभाएं क्योंकि उनकी (कोहली की) मौजूदगी से उन्हें आक्रामक खेल की ज्यादा आजादी मिलती है। विराट कोहली ने कहा, हार्दिक ने कहा कि अगर मैं एक छोर पर हूं तो उसे अपना खेल खेलने की आजादी मिलेगी। इसलिए मुझे एक छोर संभालने की जिम्मेदारी लेनी थी, लेकिन मैं भी लय को बरकरार रखना चाहता था। उन्होंने कहा कि बड़े शॉट नहीं खेलने का एक और कारण था कि आखिरी ओवरों में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। कोहली ने कहा, आखिरी के पांच, छह ओवरों में मुझे लगता है कि मैंने सिर्फ छह गेंद का सामना किया। ऐसा भी हुआ जब तीन ओवरों में मुझे सिर्फ एक गेंद खेलने को मिली और उस पर भी मैंने एक रन लिया। एक बल्लेबाज के तौर पर आप तुरंत लय हासिल नहीं कर सकते। वनडे में ये आम बात है। कप्तान को ऐसी स्थिति में सहायक की भूमिका निभाने में कोई समस्या नहीं होती जब दूसरे छोर से कोई आक्रामक बल्लेबाजी करता है। उन्होंने कहा, जब तक हार्दिक और एमएस (धोनी) जैसे लोग खेलते हैं, मुझे सिर्फ अपना काम करने और एक रन लेकर दूसरे छोर पर जाने में कोई समस्या नहीं है।

 

Also Read: खेल