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खेल और मानसिकता के लिहाज से जो मेरे पास था, वह कोहली के पास है: विवियन रिचर्ड्स

खेल और मानसिकता के लिहाज से जो मेरे पास था, वह कोहली के पास है: विवियन रिचर्ड्स

Sentinel Digital DeskBy : Sentinel Digital Desk

  |  4 Jun 2019 8:06 AM GMT

लंदन। क्रिकेट जगत के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में शुमार वेस्टइंडीज के विवियन रिचर्ड्स का कहना है कि वह विराट कोहली को पसंद करते हैं क्योंकि खेल और मानसिकता के लिहाज से जो उनके पास था, वह कोहली के पास भी है। विवियन रिचर्ड्स के मुताबिक कोहली अपनी बल्लेबाजी शैली और मैदान पर अपने एटीट्यूड से उन्हें उनके खेल की याद दिलाते हैं। विवियन रिचडर्स ने इंडिया टुडे सलाम क्रिकेट 2019 कॉन्क्लेव में कहा, मुझे ऐसे लड़के पसंद हैं।लोग आक्रमकता (एरोगेंस) की बात करते हैं लेकिन यह अपने आप में यकीन करना होता है। यह अपने घर की चाभी अपने पास होने जैसा है। विराट में काफी कुछ ऐसा है, जो मुझे खुद के खेल की याद दिलाता है। जो उस समय मेरे पास था, वह अज विराट के पास है। विवियन रिचर्ड्स ने कहा कि उन्हें भारतीय बल्लेबाज हमेशा से पसंद रहे हैं। बकौल विवियन रिचडर्स, मुझे भारतीय बल्लेबाजी से हमेशा से प्यार रहा है। विराट को जो आत्मबल हासिल है, वह एक रात में नहीं मिलता। या तो इसे आपमें समाया गया है या फिर आपने इसके साथ ही जन्म लिया है।

वह फाइटर हैं और किसी और से अधिक अपनी टीम की रक्षा करते हैं। विव जैसे महान खिलाड़ी की तारीफों के बीच भारतीय कप्तान विराट कोहली अपने साथियों के साथ आईसीसी विश्व कप -2019 में अपने अभियान का आगाज पांच जून को दक्षिण अफ्रीका के साथ खेलते हुए करेंगे। भारत जहां अपना पहला मैच खेलेगा वहीं दक्षिण अफ्रीकी टीम दो मैच हार चुकी है। उसे इंग्लैंड और बंगलादेश के हाथों हार मिली है। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान फॉफ दू प्लेसिस ने हालांकि कहा है कि उनकी टीम भारत के साथ होने वाले तीसरे मुकाबले के साथ जोरदार वापसी करेगी। दिग्गज भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने खुलासा किया है कि क्रिकेट जगत के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में शुमार वेस्टइंडीज के विवियन रिचर्ड्स ने 2007 विश्व कप के बाद उन्हें संन्यास लेने से रोका था।

भारतीय क्रिकेट टीम 2007 विश्व कप में बंगलादेश और श्रीलंका से हारकर ग्रुप चरण से ही बाहर हो गई थी। इस प्रदर्शन के बाद प्रशंसक और क्रिकेट जगत ने टीम की आलोचना करना शुरू कर दी थी। खुद सचिन का भी यह विश्व कप अच्छा नहीं रहा था और टूर्नामेंट के तीन मैचों में उन्होंने मात्र 64 रन ही बनाए थे। सचिन ने इंडिया टुडे के सलाम क्रिकेट कॉन्क्लेव में कहा कि 2007 विश्व कप में खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का मन बना लिया था। लेकिन रिचडर्स से 45 मिनट तक हुई बातचीत ने उनका फैसला बदल दिया। सचिन ने कहा, उस समय भारतीय क्रिकेट से जुड़ी जो चीजें हो रही थीं उनमें सब कुछ ठीक नहीं था। हमें कुछ बदलाव की जरूरत थी और मुझे लगता था कि अगर वे बदलाव नहीं हुए तो मैं क्रिकेट छोड़ देता। मैं क्रिकेट को अलविदा कहने को लेकर 90 प्रतिशत सुनिश्चित था। (आईएएनएस)

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