

पत्र-लेखक
कोकराझार: कोकराझार जिले में कोकराझार और सलाकाटी रेलवे स्टेशन के बीच बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात 12.10 बजे रेलवे ट्रैक पर एक आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) फट गया।
सूत्रों के मुताबिक, अज्ञात बदमाशों ने सिंगमारी रेलवे गेट के पास रेलवे ट्रैक के बीच के हिस्से में ईद लगाई थी। विस्फोट से रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया। हालाँकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना से ठीक 10 मिनट पहले एक मालगाड़ी पटरी के उस हिस्से से गुजरी थी।
डीजीपी हरमीत सिंह ने विस्फोट के बाद की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जाँच की प्रगति पर चर्चा करने के लिए चराईखोला में 7वीं असम पुलिस बटालियन मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ बैठक की।
बाद में मीडिया से बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि विस्फोट से संबंधित तकनीकी और मानवीय संबंध पाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक फोरेंसिक टीम पहले ही विस्फोट स्थल पर पहुँच चुकी है।
इससे पहले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और रेलवे अधिकारी घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुँचे। रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत के लिए लगे हुए हैं और तीन फुट टूटी हुई पटरी की मरम्मत सुबह तक पूरी हो गई है। आज सुबह सामान्य रेल सेवाएँ फिर से शुरू हो गईं।
इलाके के स्थानीय लोगों को शक है कि अज्ञात बदमाशों ने ट्रैक पर बम लगाया होगा।
27 जनवरी, 2020 को बीटीआर शांति समझौते 2020 पर हस्ताक्षर करने के बाद बीटीआर में इस तरह का यह पहला विस्फोट है।
बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने कोकराझार में आईईडी विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। बीटीसी के कार्यकारी सदस्य और कोकराझार जिले के बीपीएफ के अध्यक्ष देरहासत बसुमतारी ने कोकराझार रेलवे स्टेशन से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर हुए विस्फोट की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन और असम सरकार को अपराधियों और घटना में शामिल समूह की पहचान करनी चाहिए और उनके लिए कड़ी सजा सुनिश्चित करनी चाहिए।
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