

गुवाहाटी: ऐसे समय में जब महंगाई लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है, खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामले विभाग बाजार मूल्य की निगरानी करने का अपना प्राथमिक कार्य करने में असमर्थ है। विभाग वर्तमान में जनशक्ति संकट से जूझ रहा है, जिसमें शीर्ष अधिकारियों के बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं।
748 स्वीकृत पदों में से अब कुल 342 पद रिक्त हैं। इसमें से विभाग में संयुक्त निदेशक से लेकर निरीक्षकों तक के 218 वरिष्ठ पद रिक्त हैं। संयुक्त निदेशक के चार पद हैं, जो सभी रिक्त हैं। उप निदेशक के 21 पदों में से 17 रिक्त हैं। सहायक निदेशक के 25 पदों में से 15 पद रिक्त हैं। अधीक्षकों के 42 पदों में से 14 पद रिक्त हैं। निरीक्षकों के 65 पद भी रिक्त हैं। उप निरीक्षकों के 249 पदों में से 103 पद भी रिक्त हैं।
खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामले विभाग, वजन और माप से संबंधित कानूनी माप विज्ञान विभाग से संबद्ध है, जिसके 360 में से 94 पद भी मानव रहित हैं। अधिकारियों को बहुत सारे मुद्दों का ध्यान रखना पड़ता है, जो कम संख्या वाले अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब है। विभाग हाल ही में पदोन्नति न होने से भी प्रभावित है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले निदेशालय को बाजारों की निगरानी और सतर्कता, बाट और माप का सत्यापन, राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन, राशन कार्डों का सत्यापन और मूल्य वृद्धि की निगरानी का काम सौंपा गया है।