

स्टाफ रिपोर्टर
गुवाहाटी: केंद्र सरकार ने हाल ही में संपन्न वित्तीय वर्ष 2024-25 में असम के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के तहत धन जारी किया। हालांकि, पिछले साल बाढ़ की गंभीर स्थिति के बावजूद, जिससे बुनियादी ढांचे और लोगों के जीवन में भारी नुकसान हुआ, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के तहत कोई धनराशि जारी नहीं की गई थी।
वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार एसडीआरएफ के अंतर्गत राज्यों को वित्तीय सहायता जारी की जाती है। आयोग द्वारा सिफारिशें किए जाने के बाद, केंद्र सरकार के लिए धन जारी करना अनिवार्य है। एसडीआरएफ के तहत आवंटन 90:10 के अनुपात में किया जाता है, जिसमें केंद्र आवंटित कुल धन का 90% वहन करता है और संबंधित राज्य शेष 10% वहन करता है।
एनडीआरएफ के तहत, केंद्र सरकार जमीनी स्थिति का आकलन करने के बाद आपदाओं से निपटने के लिए राज्यों को धन जारी करती है। राज्यों के लिये एनडीआरएफ के तहत धन प्राप्त करना अधिक सुविधाजनक है, क्योंकि पूरी राशि केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाती है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 12 मार्च, 2025 तक, एसडीआरएफ के तहत असम का धन आवंटन वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 795.20 करोड़ रुपये था। इस राशि में केंद्र का हिस्सा 716 करोड़ रुपये था, और शेष 79.20 करोड़ रुपये राज्य का हिस्सा था। केंद्र का हिस्सा असम सरकार को 358 करोड़ रुपये की दो समान किस्तों में जारी किया गया था।
पिछले साल बाढ़ कम होने के बाद, असम सरकार ने अतिरिक्त धनराशि जारी करने के लिए केंद्र सरकार को एक ज्ञापन सौंपा था। जुलाई 2024 में बाढ़ से हुए नुकसान के मौके पर आकलन के लिये एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (आईएमसीटी) ने भी असम का दौरा किया।
जबकि असम को एनडीआरएफ के तहत कोई धन आवंटित नहीं किया गया था, कुछ अन्य राज्यों को एनडीआरएफ के तहत अतिरिक्त धन प्राप्त हुआ था। इस तरह की धनराशि प्राप्त करने वाले राज्यों में हिमाचल प्रदेश 66.92 करोड़ रुपये, कर्नाटक 3454.22 करोड़ रुपये, मिजोरम 7.56 करोड़ रुपये, नागालैंड 170.99 करोड़ रुपये, सिक्किम 221.12 करोड़ रुपये, तमिलनाडु 276.10 करोड़ रुपये और त्रिपुरा 174.97 करोड़ रुपये के साथ शामिल हैं।
असम में बाढ़ एक बारहमासी समस्या है, और 2024 में विनाशकारी बाढ़ के दौरान 100 से अधिक लोग मारे गए। पिछले पांच साल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या करीब 900 थी।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति (एनपीडीएम) के अनुसार, बुनियादी स्तर पर राहत सहायता के संवितरण सहित आपदा प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों की है। राज्य सरकारें प्राकृतिक आपदा आने पर राहत उपाय भारत सरकार द्वारा अनुमोदित मदों एवं मानदण्डों के अनुसार उनके निपटान पर पहले से रखी गई राज्य आपदा कार्रवाई निधि (एसडीआरएफ) से करती हैं। केंद्र सरकार राज्य सरकारों के प्रयासों का अनुपूरण करती है और अपेक्षित संभारतंत्र और वित्तीय सहायता प्रदान करती है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई निधि (एनडीआरएफ) से अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
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