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माओवादी हमले में घायल असम के सीआरपीएफ जवान कलिता ने तोड़ा दम

माओवादी हमले में घायल असम के सीआरपीएफ जवान कलिता ने तोड़ा दम

Sentinel Digital DeskBy : Sentinel Digital Desk

  |  15 Jun 2019 5:36 AM GMT

गुवाहाटी। असम के कामरूप जिले के रंगिया में स्थित कमालपुर के रहने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान ने 13 जून को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में दम तोड़ दिया। वह माओवादी हमले में घायल हो गए थे। इस बीच असम के मुखमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कलिता के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनके सर्वोच्च वलिदान पर पूरे राष्ट्र को गर्व है। विद्रोहियों ने 28 मई को झारखंड राज्य के सेराकेला-खरसावन जिले में आइइडी विस्फोट किया था। सुनील कलिता के रूप में पहचाने गए सीआरपीएफ जवान 209 कोबरा रेजिमेंट में एक कांस्टेबल थे। उन्होंने माओवादियों से निपटने के लिए दो महीने पहले गांठ बांध ली थी। माओवादी हमले में सीआरपीएफ और झारखंड सशस्त्र पुलिस (जेएपी) के कुल 26 जवान घायल हो गए, जहां कुल 15 आईईडी विस्फोट हुए। विस्फोट तब हुआ जब राइडिंग और रार सिंदरी गांवों के बीच एक पहाड़ी इलाके में सुरक्षाकर्मी गश्त कर रहे थे। माओवादियों के विद्रोहियों और सुरक्षा बलों के बीच 29 मई को लगभग एक घंटे तक गोलीबारी जारी रही और जब यह समाप्त हुआ, तो घायल सुरक्षाकर्मियों को हेलीकॉप्टर में रांची के लिए रवाना किया गया। बता दें कि एक और सीआरपीएफ जवान नलबाड़ी जिले के निरोद शर्मा 12 जून को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एक आतंकवादी हमले में मारे गए थे। शर्मा के नश्वर अवशेषों को 13 जून को गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (एलजीबीआई) पर उतारा गया था और बाद में इसे नलबाड़ी के दोहुनिया में उनके पैतृक गांव ले जाया गया जहां उनका पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

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