मेघालय में अवैध कोयला खदान में डायनामाइट धमाका, चार की मौत, कई दबे होने की आशंका

राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने अप्रैल 2014 में रैट-होल कोयला खनन की अवैधता, अवैज्ञानिक तरीकों, पर्यावरणीय क्षति और जानमाल के नुकसान को ध्यान में रखते हुए इस पर रोक लगा दी थी।
 अवैध कोयला खनन
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शिलांग: मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के एक सुदूर इलाके में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट होने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह विस्फोट मिंसंगट थैंक्सो क्षेत्र में स्थित एक अवैध कोयला खनन स्थल पर हुआ।

घटना के बाद बम निरोधक दस्ते, फोरेंसिक विशेषज्ञों, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) तथा अग्निशमन एवं आपात सेवा के कर्मियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया।

पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने पुष्टि की कि विस्फोट अवैध खदान में इस्तेमाल किए गए डायनामाइट के कारण हुआ।

उन्होंने कहा, “दुर्गम कोयला खदान क्षेत्र से चार शव बरामद किए गए हैं। एक व्यक्ति, जिसे जलने की गंभीर चोटें आई हैं, उसे इलाज के लिए शिलांग भेजा गया है।”

अधिकारियों ने बताया कि खनन गतिविधि एक पहाड़ी पर की जा रही थी, जो विस्फोट के बाद ढह गई। उन्होंने आशंका जताई कि घटना के समय खदान में काम कर रहे कुछ खनिक अब भी मलबे में फंसे हो सकते हैं।

यह घटना 23 दिसंबर 2025 को पूर्वी जयंतिया हिल्स के थैंग्सको गांव में हुई इसी तरह की एक विस्फोट की घटना के बाद सामने आई है, जिसमें कम से कम दो कोयला खनिकों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। उस विस्फोट में एक खनिक की उसी दिन मौत हो गई थी, जबकि दूसरे खनिक अशोक तमांग ने 1 जनवरी को शिलांग सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।

गौरतलब है कि अप्रैल 2014 में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने रैट-होल कोयला खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था, इसे अवैध और अवैज्ञानिक बताते हुए, साथ ही पर्यावरण को नुकसान और जानमाल के नुकसान का हवाला दिया था।

मेघालय हाईकोर्ट द्वारा कोयला से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए नियुक्त न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ब्रोजेंद्र प्रसाद कटाके ने कहा है कि सरकार के आश्वासनों के बावजूद राज्य में अवैध कोयला खनन और परिवहन अब भी जारी है।

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