

अयोध्या: मंगलवार को धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए इंद्रेश कुमार के नेतृत्व में निकाली गई सद्भावना यात्रा के तहत सैकड़ों मुस्लिम श्रद्धालु अयोध्या में राम मंदिर पहुंचे।
दूर-दूर से मुस्लिम श्रद्धालु भगवान रामलला के दर्शन के लिए आए| यात्रा के दौरान मुस्लिम श्रद्धालु हाथों में भगवान राम के झंडे लिए हुए थे और 'जय श्री राम' के नारे लगा रहे थे।
मुस्लिम श्रद्धालुओं ने कहा कि भगवान राम उनके लिए पैगंबर की तरह हैं और हिंदुओं के भी पैगंबर हैं|
एक मुस्लिम श्रद्धालु ने कहा, "हमारे बीच कोई भेदभाव की भावना नहीं है। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मैं भगवान राम के दर्शन करने आया। रामलला के परिसर में आकर वास्तव में अच्छा लगा।"
इससे पहले जनवरी में राष्ट्रवादी मुस्लिम संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) ने दावा किया था कि 74 प्रतिशत मुसलमान अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण से खुश हैं और मानते हैं कि नरेंद्र मोदी भारत के सबसे सफल प्रधान मंत्री हैं।
सर्वेक्षण के निष्कर्षों का जिक्र करते हुए एमआरएम ने कहा कि भगवान राम जन-जन के कण-कण में विद्यमान हैं और नरेंद्र मोदी भारत के सबसे सफल प्रधानमंत्री हैं, जिनकी बातें न सिर्फ भारत बल्कि पूरा विश्व सुनता और मानता है|
सर्वेक्षण में दावा किया गया कि अनगिनत मुसलमान चाहते हैं कि तथाकथित उलेमाओं, मौलानाओं और विपक्षी नेताओं का पूरी तरह से बहिष्कार किया जाए जो इस्लाम के नाम पर अपनी राजनीतिक किस्मत कमाने की कोशिश कर रहे हैं।
अयोध्या में मंदिर निर्माण को देखते हुए सर्वे में दावा किया गया है कि मुस्लिम समुदाय के मुताबिक, अयोध्या में राम मंदिर हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और बहुसंख्यक आबादी की आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए|
सर्वे के मुताबिक देश के मुसलमानों का मानना है कि राम सबके हैं और सब राम के हैं| इसलिए उन विघटनकारी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देना जरूरी है जो राम के नाम पर देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं| मुसलमानों ने भी खुलेआम कहा कि इस्लाम में किसी दूसरे धर्म के पवित्र स्थल को तोड़कर बनाई गई मस्जिद में इबादत करना हराम है| (एएनआई)
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