भ्रामक विज्ञापनों के लिए सीसीपीए ने कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किया

सीसीपीए ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के लिए दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के लिए कुछ कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं
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नई दिल्ली: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने कोचिंग क्षेत्र में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के लिए दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के लिए कुछ कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं।

आईआईटी-जेईई और एनईईटी जैसी परीक्षाओं के परिणामों की हालिया घोषणा के बाद, सीसीपीए ने देखा कि कोचिंग सेंटर कोचिंग क्षेत्र, 2024 में भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के लिए दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।

इसने अनुचित व्यापार प्रथाओं का भी पता लगाया है जिसमें वादा की गई सेवाएँ प्रदान नहीं की गईं, प्रवेश रद्द कर दिया गया लेकिन शुल्क वापस नहीं किया गया, सेवा में कमी, शुल्क की गैर/आंशिक वापसी शामिल है।

सीसीपीए ने सभी कोचिंग सेंटरों को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के लिए दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है।

प्राधिकरण ने कहा कि यह आवश्यक है कि उनके अभ्यावेदन सटीक, स्पष्ट और भ्रामक दावों या उपभोक्ताओं से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने से मुक्त हों।

इसके अतिरिक्त, कोचिंग सेंटरों को गारंटीकृत सफलता का आश्वासन देने से बचना चाहिए। कोचिंग सेंटरों को अपने विज्ञापनों में स्पष्ट रूप से प्रमुख विवरणों का खुलासा करना चाहिए, जिसमें छात्र का नाम, रैंक, पाठ्यक्रम का प्रकार और पाठ्यक्रम का भुगतान किया गया था या नहीं। अस्वीकरण को अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के समान फ़ॉन्ट आकार में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उपभोक्ताओं को गुमराह नहीं किया गया है।

उपर्युक्त दावे और व्यवहार अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन करते प्रतीत होते हैं, जिनमें उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा- 2 (28) और 2 (47) और कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापन की रोकथाम के लिए दिशानिर्देश, 2024 शामिल हैं।

कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के लिए 13 नवंबर 2024 को जारी दिशानिर्देश, कोचिंग सेंटरों को अपनी सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए झूठे या भ्रामक दावे/विज्ञापन करने और भ्रामक या अनुचित प्रथाओं में शामिल होने से रोकते हैं।

ये दिशानिर्देश छात्रों के शोषण को रोकने और यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व करते हैं कि उन्हें झूठे वादों से गुमराह नहीं किया जाता है या अनुचित अनुबंधों के लिए मजबूर नहीं किया जाता है।

दिशानिर्देश इस क्षेत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाने के लिए तैयार किए गए हैं, जिससे छात्रों और उनके परिवारों को सटीक और सच्ची जानकारी के आधार पर सूचित निर्णय लेने में मदद मिलती है। ये दिशा-निर्देश मौजूदा विनियमों के अनुपूरक हैं और कोचिंग क्षेत्र में विज्ञापनों को शासित करने वाले विनियामक ढाँचे को और सुदृढ़ करते हैं।

इस संबंध में, सीसीपीए ने 49 नोटिस जारी किए हैं और 24 कोचिंग सेंटरों पर कुल 77.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और उन्हें पिछले तीन वर्षों में भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं को बंद करने का निर्देश दिया है।

सीसीपीए ने पहले भी यूपीएससी सीएसई , आईआईटी-जेईई, एनईईटी, आरबीआई, नाबार्ड सहित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सेवाएं प्रदान करने वाले कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की थी। (आईएएनएस)

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