

लखनऊ: इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया (ICI) ने आगामी 17 जून को मनाए जाने वाले ईद-उल-अज़हा के दौरान जानवरों की कुर्बानी करने वालों के लिए एक सलाह जारी की है। ICI ने सलाह दी है कि इस मौके पर 'कुर्बानी' की तस्वीरें खींचने या वीडियो रिकॉर्ड करने से बचें। यह दिशा-निर्देश गुरुवार को जारी की गई 13-सूत्रीय सलाह का हिस्सा है। एक अपील भी की गई है कि कुर्बानी साफ-सुथरी, खुली जगह में की जाए और केवल उन्हीं जानवरों की कुर्बानी दी जाए जो राज्य द्वारा प्रतिबंधित नहीं हैं। साथ ही, खून को जमीन में दफन कर देना चाहिए ताकि वह खाद बनकर मिट्टी को उपजाऊ बना सके। यह भी सलाह दी गई है कि कुर्बानी सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर नहीं की जानी चाहिए और जानवरों के अवशेषों को केवल नगर निगम द्वारा प्रदान किए गए कूड़ेदानों में ही फेंका जाना चाहिए। ICI ने लोगों से आग्रह किया है कि वे लगभग एक-तिहाई मांस को ठीक से पैक करके वितरित करें और जानवर की खाल को दान में दें। सलाह के अनुसार, कुर्बानी उन्हीं लोगों के लिए अनिवार्य है जो इसे वहन कर सकते हैं। यह भी कहा गया है कि नमाज़ केवल ईदगाह या मस्जिदों में ही अदा की जाए, सड़कों पर नहीं। ICI ने सभी से अपील की है कि वे चल रही गर्मी की लहर से राहत के लिए एक 'खुसूसी दुआ' विशेष प्रार्थना करें। (IANS)
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