असम: श्रीभूमि में 880 हेक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त, पुनर्वनीकरण के लिए सरकार की बड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थान पर वन भूमि या सार्वजनिक जमीन अवैध कब्जे में पाए जाने पर सरकार तुरंत कार्रवाई करेगी।
असम: श्रीभूमि में 880 हेक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त, पुनर्वनीकरण के लिए सरकार की बड़ी कार्रवाई
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गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को कहा कि श्रीभूमि जिले में 880 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर पुनर्वनीकरण के लिए वापस लिया गया है। यह कार्रवाई एक व्यापक बेदखली अभियान के तहत की गई।

माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री ने इस अभियान को “मिशन पूरा हुआ” बताते हुए वन भूमि की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार के सख्त रुख को दोहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि जहां भी वन क्षेत्र और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाएगा, सरकार हस्तक्षेप करेगी।

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “मिशन पूरा हुआ। श्रीभूमि में व्यापक बेदखली अभियान के बाद 880 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराकर पुनर्वनीकरण के लिए पुनः प्राप्त किया गया है। मैं दोहराता हूं—हमारे जंगलों और जमीन को खाली करें, अन्यथा हम हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।”

श्रीभूमि में यह अभियान पड़ोसी हैलाकांडी जिले में हाल ही में चलाए गए इसी तरह के अभियान के तुरंत बाद हुआ है। इससे पहले वन विभाग ने पाथरकांडी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आरक्षित वन भूमि पर कथित रूप से रह रहे लगभग 1,000 परिवारों को बेदखली नोटिस जारी किए थे।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ईशरपार, माधवपुर, बालिया, मधुरबोंड, चागलमोया, मागुरा और जोगीसोरा सहित कई गांवों में नोटिस जारी कर निवासियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए।

नोटिस के बाद कई परिवारों ने कथित तौर पर स्वयं अपने घरों को तोड़ना शुरू कर दिया और अन्यत्र बसने की तैयारी करने लगे।

हालांकि, कई निवासियों का दावा है कि वे दशकों से वहां रह रहे हैं और पहले कभी अधिकारियों की ओर से कोई आपत्ति नहीं की गई थी।

इस बेदखली अभियान से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। कई लोगों का कहना है कि उनके पास वैकल्पिक भूमि या पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं है।

प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से उनकी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करने की अपील की है।

पिछले महीने वन अधिकारियों ने हैलाकांडी जिले के दक्षिणी वन क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई कर कथित अवैध कब्जे वाली भूमि को पुनः प्राप्त किया था।

श्रीभूमि में हुई इस कार्रवाई के साथ राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि आरक्षित वन क्षेत्रों की सुरक्षा और पुनर्वनीकरण को बढ़ावा देने के लिए ऐसे बेदखली अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

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