मेघालय में कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 18 की मौत; पीएम मोदी ने मुआवजा घोषित किया, जांच के आदेश

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने शोक प्रकट किया और इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मेघालय में कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 18 की मौत; पीएम मोदी ने मुआवजा घोषित किया, जांच के आदेश
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शिलांग/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मेघालय के पूर्वी जैंतिया हिल्स जिले में एक अवैध कोयला खदान में हुए भीषण डायनामाइट विस्फोट पर गहरा शोक व्यक्त किया, जिसमें 18 लोगों की जान चली गई।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर एक पोस्ट में कहा,

“मेघालय के पूर्वी जैंतिया हिल्स में हुई दुर्घटना से बेहद दुखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा करते हुए कहा,

“प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।”

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा, “पूर्वी जैंतिया हिल्स में हुई इस दुखद कोयला खदान दुर्घटना से अत्यंत व्यथित हूं। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस विस्फोट की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं।

उन्होंने कहा, “मेघालय सरकार ने इस घटना की व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मानव जीवन की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

गौरतलब है कि गुरुवार को मेघालय के एक अवैध कोयला खनन स्थल पर हुए शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई, जिसके बाद दूरदराज के ताशखाई इलाके में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, विस्फोट थांग्सको क्षेत्र के मायन्स्यंगाट इलाके में स्थित एक अवैध कोयला खदान के भीतर हुआ, जहां उस समय कई मजदूर काम कर रहे थे। अधिकारियों का मानना है कि मृतकों में अधिकांश असम के प्रवासी मजदूर थे।

मेघालय पुलिस ने तुरंत बचाव और तलाशी अभियान शुरू किया और स्थिति का आकलन करने तथा खदान के भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए कई टीमों को मौके पर तैनात किया।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मृतकों में से एक की पहचान असम के कातिगोराह क्षेत्र के बिहारा गांव निवासी के रूप में हुई है।

पूर्वी जैंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकाश कुमार ने बताया कि अब तक 16 शव बरामद किए जा चुके हैं और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

अधिकारियों को आशंका है कि खदान के मलबे के नीचे अभी और शव दबे हो सकते हैं।

विस्फोट के बाद बड़े पैमाने पर आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की गई है और पुलिस व राहतकर्मी लगातार तलाशी अभियान में जुटे हुए हैं। पीड़ितों को निकालने के प्रयास जारी हैं।

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