

गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि राज्य में 16 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेज दिया गया है।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए कहा कि असम ने निष्क्रियता के बजाय निर्णायक कार्रवाई का रास्ता चुना है।
उन्होंने लिखा, “आलोचक शोर मचाते हैं, लेकिन असम के लिए यही एकमात्र विकल्प है। आज असम आक्रामक रुख अपनाए हुए है। हम अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अनंत प्रतीक्षा नहीं करते, बल्कि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं। तड़के 16 अवैध बांग्लादेशियों की पहचान कर उन्हें तुरंत वापस भेज दिया गया है।”
करीब एक सप्ताह पहले भी राज्य सरकार के घुसपैठ विरोधी अभियान के तहत 15 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा गया था।
इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है और असम ने अवैध प्रवेश के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को निभाते हुए निर्णायक कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री की टिप्पणियां राज्य सरकार द्वारा बांग्लादेश से अवैध प्रवासन के खिलाफ जारी सख्ती को रेखांकित करती हैं।
पिछले कुछ महीनों में असम ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी और कार्रवाई तेज की है, जहां सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस घुसपैठियों की पहचान और निर्वासन के लिए समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
राज्य अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान पूरी तरह कानून के तहत चलाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना है।
बुधवार की इस कार्रवाई के साथ राज्य सरकार ने एक बार फिर संकेत दिया है कि अवैध घुसपैठ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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